लीड: हाल ही में जारी खबरों के मुताबिक National Payments Corporation of India (NPCI) ने UPI के जो P2P “Collect” / “Request Money” फीचर हैं, उन पर कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है ताकि साइबर फ्रॉड और उपयोगकर्ताओं के खाते से अनजाने में पैसे कटने जैसी घटनाओं को रोका जा सके। इसका असर आम यूज़र्स, छोटे व्यापारी और पेमेंट-ऐप्स सभी पर पड़ेगा। नीचे सरल और मानव-सुरुचिपूर्ण भाषा में पूरा विवरण दिया जा रहा है — क्यों लिया गया ये कदम, इससे क्या बदलेगा और आपको आगे क्या करने की ज़रूरत है।
New Update In Aug 2025: Overviews
| आर्टिकल का प्रकार | Today New Udpate of UPI Payment |
| आर्टिकल का नाम | 14 Aug की टॉप 01 सरकारी New Udpate |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| ऑफिसियल वेब्साइट | Click Here |
UPI Payment Receiving New Update Aug 25
अब UPI से “पैसे मांगने” (Collect / Request) की सुविधा बंद? — क्या हुआ, क्यों हुआ और आपको क्या करना चाहिए
लीड: हाल ही में जारी खबरों के मुताबिक National Payments Corporation of India (NPCI) ने UPI के जो P2P “Collect” / “Request Money” फीचर हैं, उन पर कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है ताकि साइबर फ्रॉड और उपयोगकर्ताओं के खाते से अनजाने में पैसे कटने जैसी घटनाओं को रोका जा सके। इसका असर आम यूज़र्स, छोटे व्यापारी और पेमेंट-ऐप्स सभी पर पड़ेगा। नीचे सरल और मानव-सुरुचिपूर्ण भाषा में पूरा विवरण दिया जा रहा है — क्यों लिया गया ये कदम, इससे क्या बदलेगा और आपको आगे क्या करने की ज़रूरत है।
“Collect / Request” फ़ीचर क्या होता है?
UPI के कई ऐप्स में एक सुविधा होती है जिससे कोई यूज़र सीधे दूसरे यूज़र को ऐप के जरिए पैसे मांगने (request / collect) का अनुरोध भेज सकता था। यानी रिसीवर रिक्वेस्ट भेजता और भेजने वाला (payer) उसे स्वीकार करके पेमेंट कर देता — यह सुविधा छोटे व्यवहारों और दोस्तों-मित्रों के बीच पैसे माँगने के लिए बहुत उपयोगी थी।
NPCI ने यह कदम क्यों उठाया?
मुख्य कारण सुरक्षा है। रिपोर्ट्स के अनुसार फ्रॉडस्टर अक्सर कलेक्ट/रिक्वेस्ट का दुरुपयोग कर के यूज़र्स को गुमराह करते और पिन/ऑथराइज़ेशन लेकर खाते खाली करा लेते थे। रिसीवर-इनीशिएटेड रिक्वेस्ट (pull request) में कभी-कभी यूज़र भ्रमित होकर या दबाव में आकर रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर देते — और इसी गड़बड़ी को रोकने के लिए NPCI ने संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इससे किसे असर पड़ेगा?
- आम यूज़र (Individuals): अब आप किसी दूसरे व्यक्ति को ऐप के ज़रिए “request money” भेजने का विकल्प नहीं पाएँगे। लेकिन आप पहले की तरह किसी को सीधे पैसे भेज (Send) सकते हैं, या QR/UPI ID/पेमेंट लिंक के ज़रिए पेमेंट कर सकते हैं।
- छोटे व्यापारी/फ्रीलांसर: जिनने ग्राहक से kलेक्ट रिक्वेस्ट पर निर्भर व्यापार मॉडल बनाया था, उन्हें अब वैकल्पिक व्यवस्था जैसे पेमेंट लिंक, इनवॉइस + QR, या सीधे UPI भेजने के तरीके अपनाने पड़ेंगे।
- पेमेंट ऐप्स / बैंक्स: उन्हें अपने ऐप्स में बदलाव करने होंगे — UI/UX अपडेट, नोटिफिकेशन्स, और उपयोगकर्ताओं को नए तरीके बताने होंगे।
अब क्या वैकल्पिक तरीके हैं?
- पेमेंट लिंक भेजें: मोबाईल/ईमेल पर भुगतान लिंक भेजना जो ग्राहक खुद क्लिक कर भुगतान कर दे।
- QR कोड/UPI ID शेयर करें: व्यापारी अपना QR दिखाएँ या UPI ID दें — ग्राहक खुद पेमेंट करें।
- डायरेक्ट ट्रांसफर (Send): ग्राहक सीधे “Send” ऑप्शन से भुगतान कर सकता है।
- बैंक/ऐप-आधारित इनवॉइस: कुछ प्रोसेस में इनवॉइस जनरेट कर उसका भुगतान यूज़र द्वारा किया जा सकता है।
उपयोगकर्ताओं के लिए प्रैक्टिकल टिप्स
- किसी भी अचानक आई रिक्वेस्ट या लिंक को बिना जांचे स्वीकार न करें।
- अगर कोई पैसों के लिए दबाव बना रहा है तो पहले कॉल कर पहचान/वेरिफाई करें।
- पेमेंट करने से पहले QR/लिंक/UPI ID की सच्चाई जाँच लें — कहीं फ़ेक पेज तो नहीं।
- छोटे व्यापारियों को ग्राहकों को शुरुआती तौर पर बदलाव के बारे में सूचित कर दें (कैसे भुगतान करना है)।
- अपने UPI ऐप की सुरक्षा सेटिंग्स और लिमिट्स चेक रखें; किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर तुरंत बैंक/ऐप को रिपोर्ट करें।
छोटी दुकानें/फ्रीलांसर के लिए सलाह
- पेमेंट लेने के लिए डिजिटल इनवॉइस और QR/पेमेंट लिंक अपनाएँ।
- ग्राहकों को स्पष्ट निर्देश दें: “कृपया QR स्कैन कर भुगतान करें” या “UPI ID पर भेजें” — और सुनिश्चित करें कि QR सही जगह से जनरेट हुआ है।
- अकाउंटिंग/रिकॉर्डिंग के लिए छोटे सॉफ़्टवेयर या गूगल शीट का उपयोग करें ताकि लेन-देन ट्रैक रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q. क्या अब किसी को पैसे माँगने का कोई विकल्प नहीं रहेगा?
A. उपयोगकर्ता-इनीशिएटेड (Receiver-initiated) “Collect / Request” जैसा वर्तमान फीचर प्रभावित होगा, पर पेमेंट के और भी तरीके (Send, QR, पेमेंट लिंक) उपलब्ध रहेंगे।
Q. क्या यह कदम सभी UPI लेनदेन रोकता है?
A. नहीं — यह सिर्फ उस विशेष रिक्वेस्ट/कलेक्ट मेकैनिज्म पर असर डालेगा; ग्राहक द्वारा स्वेच्छा से भेजे गए पेमेंट और मर्चेंट-इनीशिएटेड पेमेंट आम तौर पर जारी रहेंगे (हालांकि कुछ मर्चेंट वर्कफ्लो में बदलाव हो सकता है)।
Q. अगर मुझे पहले भेजे हुए कलेक्ट-रिक्वेस्ट से पैसे लौटाने या रिफंड का मामला हो तो क्या होगा?
A. पुराने ट्रांजैक्शन और रिफंड बैंक/ऐप की नीतियों के अनुसार ही हैं — ऐसे मामलों में बैंक या संबंधित ऐप के कस्टमर सर्विस से संपर्क करना आवश्यक होगा।