बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े विवादों और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में एक ही जमीन की बार-बार दाखिल-खारिज (Mutation) नहीं की जा सकेगी। इसके लिए सरकार ने एक आधुनिक भूमि अभिलेख प्रबंधन प्रणाली (LRMS- Land Records Management System) और नया दाखिल-खारिज पोर्टल शुरू कर दिया है।
Bihar Land Mutation New Big Update
| आर्टिकल का प्रकार | Land Mutation New Update |
| आर्टिकल का नाम | Bihar Land Mutation New Important Update |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| ऑफिसियल वेब्साइट | Click Here |
Bihar Land Mutation Big Update July 25
बिहार में जमीन की दाखिल-खारिज प्रक्रिया में बड़ा बदलाव : अब एक ही जमीन की कई बार दाखिल-खारिज नहीं होगी
संयुक्त संपत्ति के बंटवारे में भी अब मिलेगी पूरी पारदर्शिता, नया पोर्टल लॉन्च
पटना, 16 जुलाई 2025:
बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े विवादों और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में एक ही जमीन की बार-बार दाखिल-खारिज (Mutation) नहीं की जा सकेगी। इसके लिए सरकार ने एक आधुनिक भूमि अभिलेख प्रबंधन प्रणाली (LRMS- Land Records Management System) और नया दाखिल-खारिज पोर्टल शुरू कर दिया है।
यह व्यवस्था देश में पहली बार लागू की जा रही है, जो जमीन के रजिस्ट्रेशन सिस्टम से भी सीधे जुड़ी होगी। इसका मकसद जमीन के क्रय-विक्रय में पारदर्शिता लाना और विवादों को खत्म करना है।
क्या है नया सिस्टम?
नई प्रणाली के तहत अब जब भी किसी जमीन का दाखिल-खारिज कराया जाएगा, तो जमीन की अद्यतन जानकारी पोर्टल पर दर्ज हो जाएगी। इसके बाद उसी जमीन की फिर से दाखिल-खारिज तभी होगी जब उसमें कोई नया बदलाव होगा, जैसे:
- जमाबंदी में संशोधन
- भूमि का विभाजन
- नए मालिक का नाम दर्ज करना
इससे एक ही जमीन पर बार-बार फर्जी दाखिल-खारिज कराकर धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
संयुक्त संपत्ति में कौन कितना हिस्सा बेच रहा है, अब यह भी पता चलेगा
अक्सर संयुक्त जमीन में कोई एक व्यक्ति चुपके से अपनी हिस्सेदारी बेच देता है, जिससे विवाद होता है। अब नए सिस्टम के जरिए यह भी साफ हो जाएगा कि किसने अपना हिस्सा कहां और किसे बेचा। इससे पारिवारिक विवादों में भी कमी आएगी।
क्या होंगे इसके फायदे?
- जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचेगा।
- जैसे– प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि लाभ, आदि।
- संयुक्त जमीन की पहचान में आसानी होगी।
- भूमि विवाद में कमी आएगी।
कैसे होगी नई व्यवस्था के तहत दाखिल-खारिज?
- दाखिल-खारिज की प्रक्रिया अब ऑनलाइन पोर्टल से होगी।
- संबंधित जमीन का नक्शा और स्थिति पहले ही पोर्टल पर अपडेट की जाएगी।
- सिर्फ एक बार ही जमीन का रजिस्ट्रेशन होगा, उसके बाद उसी जानकारी के आधार पर ही भविष्य में कोई भी दाखिल-खारिज होगी।
- संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वे वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट अपलोड करें।
कब तक लागू होगा यह सिस्टम?
राज्य सरकार ने इस नई प्रणाली को 2026 तक पूरे प्रदेश में लागू करने का लक्ष्य रखा है। अभी यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से सभी जिलों में लागू की जा रही है।