Top 11 New Update & Govt Job in Oct 2025: अगर आप भी 10 वीं या ग्रैजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली है और आपका सपना सरकारी नौकरी पाना। तो ये आर्टिकल आपके लिए बेहद ही। खास है। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको 25 में आने वाली सरकारी नौकरियों की भर्ती के बारे में पूरी जानकारी देंगे। तो इसमें विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा कई भर्तियां निकाली जाएंगी। इच्छुक ईमानदारों द्वारों को चाहिए की वो विग्यापनों को सुधारने प्रयोग करें और योग्यता आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि पूरी जानकारी प्राप्त करें। इस आवेदन करने का सुनहरा मौका मिलेगा जो आपके सरकार ने तुर्की को आसान बना सकता है। आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
Govt Job In Oct 2025: Overviews
| आर्टिकल का प्रकार | लेटेस्ट जॉब्स Today Job Vacancy |
| आर्टिकल का नाम | 25 Oct की टॉप 11 सरकारी नौकरियां New Udpate |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| ऑफिसियल वेब्साइट | Click Here |
Instagram PG 13 New Features Launched Must Know Details
📱 इंस्टाग्राम की नई नीति: अब बच्चे नहीं देख पाएंगे एडल्ट या हिंसक कंटेंट, लागू हुई PG-13 सुरक्षा पॉलिसी
🔹 परिचय
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) ने भारत में अपने यूज़र बेस, खासकर टीनेजर्स (Teenagers) और पैरेंट्स (Parents) की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है।
कंपनी ने हाल ही में PG-13 सुरक्षा पॉलिसी (PG-13 Safety Policy) लागू की है, जिसके तहत अब 18 साल से कम उम्र के बच्चों को प्लेटफॉर्म पर एडल्ट, हिंसक या अनुचित कंटेंट नहीं दिखाया जाएगा।
इस पॉलिसी का उद्देश्य है कि किशोरों को सोशल मीडिया पर एक सुरक्षित, सकारात्मक और नियंत्रित माहौल प्रदान किया जा सके।
🧒 पैरेंट्स के लिए राहत
इस नीति के लागू होने के बाद अब माता-पिता निश्चिंत रह सकते हैं कि उनके बच्चे इंस्टाग्राम पर किसी भी तरह के अनुचित या हिंसक पोस्ट, नग्नता से जुड़ा कंटेंट या आक्रामक अकाउंट्स नहीं देख पाएंगे।
कंपनी ने कहा है कि उसका लक्ष्य टीनेजर्स को मानसिक रूप से स्वस्थ और सकारात्मक डिजिटल स्पेस देना है।
🔒 क्या है PG-13 सुरक्षा पॉलिसी?
PG-13 का मतलब है — Parental Guidance for under 13–18 years users।
इसका अर्थ है कि प्लेटफॉर्म 18 वर्ष से कम उम्र के यूज़र्स को फिल्टर किया गया और सीमित कंटेंट ही दिखाएगा।
नई नीति के तहत, इंस्टाग्राम ने अपने कंटेंट एल्गोरिद्म को इस तरह अपडेट किया है कि नाबालिग यूज़र्स को —
- हिंसा से जुड़ा कंटेंट,
- नग्नता या एडल्ट विषय,
- ड्रग्स, शराब या आत्महत्या (suicide) जैसे संवेदनशील टॉपिक से जुड़ी पोस्ट
नहीं दिखाई जाएगी।
⚙️ इंस्टाग्राम का नया फ़िल्टरिंग सिस्टम
कंपनी ने अपने AI-आधारित कंटेंट रिकमेंडेशन सिस्टम को अपडेट किया है, जिससे वह अब पोस्ट्स को यूज़र की उम्र के अनुसार फिल्टर करेगा।
इसका मतलब है कि 18 साल से कम उम्र के यूज़र्स को केवल उम्र-उपयुक्त (Age-Appropriate) और सकारात्मक विषयों से जुड़ा कंटेंट ही दिखेगा।
🚫 आक्रामक अकाउंट्स को ब्लॉक करेगा इंस्टाग्राम
नई नीति के तहत अब किशोर यूज़र्स किसी भी ऐसे अकाउंट को फॉलो नहीं कर पाएंगे,
जो हिंसा, नशे, या अनुचित गतिविधियों को बढ़ावा देता हो।
इंस्टाग्राम ने यह भी कहा है कि “suicide, drugs, alcohol” जैसे शब्दों से जुड़े कंटेंट को
सर्च रिज़ल्ट्स और सुझावों से हटा दिया जाएगा।
👦 18 साल से कम उम्र के यूज़र्स के अकाउंट होंगे ऑटोमेटिकली सीमित
अब जब कोई 18 साल से कम उम्र का यूज़र नया अकाउंट बनाएगा,
तो इंस्टाग्राम उसे ऑटोमैटिक PG-13 मोड में डाल देगा।
इस मोड में यूज़र को केवल सुरक्षित और सीमित कंटेंट दिखेगा।
ऐसे अकाउंट्स पर पैरेंट्स को भी निगरानी करने की अनुमति दी जाएगी।
🔍 आक्रामक फॉलो रिक्वेस्ट्स पर रोक
नई नीति के बाद, 18 साल से कम उम्र के यूज़र्स किसी भी ऐसे अकाउंट को फॉलो नहीं कर पाएंगे जो:
- बार-बार आपत्तिजनक कंटेंट डालता है,
- वॉयलेंट वीडियो शेयर करता है,
- या फिर “एडल्ट” श्रेणी में आता है।
इस कदम से इंस्टाग्राम का उद्देश्य टीनेजर्स के फॉलोअर नेटवर्क को क्लीन और हेल्दी बनाना है।
🧠 पैरेंटल कंट्रोल्स को किया गया और मजबूत
इंस्टाग्राम ने हाल ही में अपने Parental Supervision Tools को भी अपडेट किया है,
जिससे पैरेंट्स अपने बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं —
- बच्चे कितने समय तक इंस्टाग्राम चला रहे हैं
- कौन उन्हें फॉलो कर सकता है
- वे कौन-से अकाउंट्स देख या सर्च कर सकते हैं
इसके अलावा, पैरेंट्स को अब यह भी अलर्ट मिलेगा यदि उनका बच्चा किसी संवेदनशील कंटेंट को देखने की कोशिश करता है।
🤳 जल्द आएगा फेस वेरीफिकेशन सिस्टम
इंस्टाग्राम ने यह भी घोषणा की है कि वह जल्द ही Face Verification Tool लॉन्च करेगा।
यह फीचर AI तकनीक की मदद से यूज़र की वास्तविक उम्र (Age Verification) का पता लगाएगा।
यह टूल तब सक्रिय होगा जब कोई यूज़र अपनी उम्र गलत दर्ज करके अकाउंट बनाता है।
AI सिस्टम उसके चेहरे की तस्वीर देखकर उसकी उम्र का अनुमान लगाएगा और
अगर वह 18 वर्ष से कम पाया गया, तो अकाउंट को PG-13 मोड में बदल देगा।
🔐 सुरक्षा और प्राइवेसी पर कंपनी का जोर
इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta ने कहा कि यह कदम भारत समेत दुनिया के सभी देशों में
किशोरों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
कंपनी के अनुसार, सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का प्लेटफॉर्म नहीं,
बल्कि युवाओं की सोच और व्यवहार पर गहरा असर डालता है।
इसलिए डिजिटल स्पेस को जिम्मेदारी से सुरक्षित बनाना आवश्यक है।
🌍 वैश्विक स्तर पर लागू हो रही नीति
PG-13 सुरक्षा पॉलिसी पहले अमेरिका और यूरोप में लागू की गई थी।
भारत में इसे अक्टूबर 2025 से लागू किया जा रहा है।
यह नीति इंस्टाग्राम के लिए भारत में बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोशल मीडिया मार्केट है,
जहाँ करोड़ों टीनेजर्स सक्रिय हैं।
💬 कंपनी का बयान
इंस्टाग्राम ने बयान जारी कर कहा —
“हमारा लक्ष्य है कि युवाओं को एक सकारात्मक ऑनलाइन अनुभव मिले।
PG-13 नीति के तहत उन्हें केवल वही कंटेंट दिखाया जाएगा जो
उनकी उम्र के अनुकूल और सुरक्षित हो।”
🧾 विशेषज्ञों की राय
डिजिटल सेफ्टी एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम
भारत में ऑनलाइन सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी पहल साबित होगा।
इस नीति से:
- बच्चों को अनावश्यक कंटेंट से बचाव मिलेगा,
- ऑनलाइन बुलिंग और हेट कंटेंट पर रोक लगेगी,
- और पैरेंट्स को अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नियंत्रण मिलेगा।
Chatgpt Atlas Ai New Browser Launched
🤖 चैटजीपीटी का नया AI ब्राउज़र “Atlas” — अब खुद करेगा इवेंट प्लानिंग और वेब सर्च आसान
🔹 परिचय
टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ा बदलाव आया है।
OpenAI, जो ChatGPT जैसे उन्नत AI चैटबॉट के लिए जानी जाती है,
ने अब अपने उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया AI-सक्षम वेब ब्राउज़र “ChatGPT Atlas” लॉन्च किया है।
यह नया ब्राउज़र खासतौर पर MacOS उपयोगकर्ताओं के लिए तैयार किया गया है
और इसे वेब सर्फिंग को और अधिक इंटरएक्टिव, स्मार्ट और यूज़र-फ्रेंडली बनाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है।
🌐 क्या है ChatGPT Atlas?
ChatGPT Atlas एक AI-पावर्ड वेब ब्राउज़र है,
जो OpenAI के लोकप्रिय चैटबॉट ChatGPT की तकनीक पर आधारित है।
इसका मकसद सिर्फ वेबसाइट खोलना या जानकारी खोजना नहीं,
बल्कि इंटरनेट अनुभव को पूरी तरह से बदलना है।
अब यूज़र न सिर्फ वेब पेज पढ़ सकते हैं, बल्कि ब्राउज़र की मदद से —
- इवेंट प्लानिंग,
- डाक्यूमेंट क्रिएशन,
- डेटा एनालिसिस,
- और ईमेल या पोस्ट लिखने जैसे काम भी AI की मदद से स्वतः कर सकते हैं।
💡 ChatGPT Atlas की मुख्य विशेषताएँ
1️⃣ AI-सक्षम वेब नेविगेशन
Atlas यूज़र्स को सिर्फ जानकारी खोजने की सुविधा नहीं देता,
बल्कि उसे समझकर और सारांश तैयार करके प्रस्तुत करता है।
उदाहरण के लिए —
अगर आप “2025 के टॉप AI टूल्स” सर्च करते हैं,
तो यह केवल लिंक नहीं दिखाएगा, बल्कि संबंधित जानकारी का सारांश (Summary) और तुलना रिपोर्ट (Comparison) भी बनाएगा।
2️⃣ स्मार्ट साइडबार (AI Sidebar)
Atlas में एक AI Sidebar दी गई है,
जो यूज़र को वेब पेज के साथ बातचीत करने की सुविधा देती है।
इस साइडबार की मदद से आप —
- किसी आर्टिकल का सारांश ले सकते हैं,
- उसमें से मुख्य बिंदु निकाल सकते हैं,
- या फिर उस कंटेंट के आधार पर नया टेक्स्ट तैयार कर सकते हैं।
3️⃣ इवेंट प्लानिंग फीचर
ChatGPT Atlas में एक नया और अनोखा फीचर जोड़ा गया है —
Smart Event Planning Tool।
अगर आप किसी इवेंट की योजना बना रहे हैं, जैसे कि —
- मीटिंग,
- कॉन्फ्रेंस,
- या बर्थडे पार्टी,
तो यह टूल आपकी पसंद, लोकेशन, बजट और तारीख के अनुसार
ऑटोमेटिक इवेंट शेड्यूल और सुझाव तैयार कर सकता है।
4️⃣ डॉक्युमेंट और ईमेल क्रिएशन
Atlas में मौजूद AI Writing Assistant की मदद से यूज़र
ईमेल, डॉक्युमेंट या सोशल मीडिया पोस्ट भी तैयार कर सकते हैं।
यह टूल न केवल वाक्य सुधारता है बल्कि पूरे टेक्स्ट का भाव और टोन भी अनुकूल बना देता है —
जैसे प्रोफेशनल, फ्रेंडली, या इंफॉर्मेटिव स्टाइल में।
5️⃣ ऑनलाइन रिसर्च को आसान बनाता है
Atlas छात्रों, ब्लॉगर्स और रिसर्चर्स के लिए एक आदर्श टूल है।
यह न केवल वेब साइट्स से डेटा लाता है,
बल्कि उसे सारांश, रिपोर्ट या विश्लेषण (Analysis) के रूप में भी प्रस्तुत कर सकता है।
🧠 कैसे अलग है ChatGPT Atlas अन्य ब्राउज़र्स से?
| फीचर | ChatGPT Atlas | पारंपरिक ब्राउज़र |
|---|---|---|
| सर्च रिज़ल्ट | AI आधारित सारांश | केवल लिंक |
| इंटरएक्शन | चैट स्टाइल बातचीत | सीमित क्लिक |
| इवेंट प्लानिंग | ऑटोमेटिक | मैनुअल सर्च |
| कंटेंट राइटिंग | इनबिल्ट AI टूल | थर्ड-पार्टी प्लगइन |
| प्राइवेसी | ChatGPT एन्क्रिप्शन सिस्टम | सामान्य सुरक्षा |
इस तुलना से स्पष्ट है कि Atlas सिर्फ एक ब्राउज़र नहीं बल्कि एक AI असिस्टेंट की तरह काम करता है।
🔍 Atlas कैसे काम करता है?
- यूज़र कोई भी क्वेरी या टास्क टाइप करता है।
- Atlas AI इंजन उस डेटा को वेब से एक्सट्रैक्ट करता है।
- NLP (Natural Language Processing) के ज़रिए जानकारी को समझता है।
- और फिर उपयोगकर्ता को सरल, सटीक और व्यक्तिगत रूप से उत्तर देता है।
⚙️ Atlas में शामिल नए टूल्स
- AI Research Mode – लंबी रिपोर्ट या विषयों का सारांश
- Smart Notes – वेब ब्राउज़िंग के दौरान ऑटो नोट्स लेना
- Auto Event Planner – किसी इवेंट का टाइमटेबल और सुझाव बनाना
- Contextual Sidebar – वेब पेज से सीधे बातचीत करने की सुविधा
💬 ओपनएआई का बयान
OpenAI ने कहा —
“ChatGPT Atlas हमारे यूज़र्स के लिए एक ऐसा ब्राउज़र है
जो केवल जानकारी नहीं खोजता, बल्कि समझता और उसका उपयोग करता है।”
कंपनी का उद्देश्य है कि इंटरनेट सर्फिंग अब एक स्मार्ट और प्रोडक्टिव अनुभव बने।
🌍 भविष्य की दिशा
ChatGPT Atlas को फिलहाल MacOS के लिए लॉन्च किया गया है,
लेकिन कंपनी जल्द ही इसे Windows और Android प्लेटफॉर्म्स पर भी लाने की तैयारी में है।
इसके साथ ही, भविष्य में इसमें वॉयस कमांड्स, लाइव ट्रांसलेशन और
AI-आधारित नोट-टेकिंग फीचर्स जोड़े जाने की भी संभावना है।
📈 उपयोगकर्ताओं के लिए लाभ
- समय की बचत — सारांश और विश्लेषण तुरंत मिलता है।
- काम में सुविधा — इवेंट, ईमेल और रिपोर्ट खुद तैयार होती हैं।
- सटीकता — AI द्वारा सत्यापित जानकारी मिलती है।
- प्राइवेसी — ChatGPT की सिक्योर एन्क्रिप्शन प्रणाली से सुरक्षित।
Google Account Recovery New Udpate
गूगल के नए सिक्योरिटी फीचर्स – अकाउंट रिकवरी और स्कैम प्रोटेक्शन अब और भी एडवांस
डिजिटल युग में ऑनलाइन सेक्योरिटी की अहमियत बढ़ती जा रही है। गूगल ने अपने प्लेटफार्म्स को पहले से अधिक सुरक्षित बनाते हुए अकाउंट रिकवरी, स्कैम सुरक्षा और यूजर की प्रोटेक्शन के लिए कई स्मार्ट फीचर्स लॉन्च किए हैं। इससे न सिर्फ यूजर की गोपनीयता बढ़ेगी, बल्कि ऑनलाइन फ्रॉड व साइबर हमले पर भी लगाम लगाई जा सकेगी।
1. नया अकाउंट रिकवरी फीचर
अब यदि किसी यूजर का गूगल अकाउंट लॉक हो जाता है या वह पासवर्ड भूल जाता है, तो रिकवरी प्रोसेस और भी आसान हो जाएगी।
गूगल ने एक नया ‘रिकवरी कॉन्टैक्ट’ टूल पेश किया है, जिसमें यूजर अपने भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य को रिकवरी कॉन्टैक्ट सेट कर सकेंगे।
जरूरत पड़ने पर, गूगल उस रिलेटेड व्यक्ति को एक वेरिफिकेशन कोड भेजेगा, जो 15 मिनट तक वैध रहेगा। इससे गलत व्यक्ति द्वारा अकाउंट एक्सेसिंग की संभावना कम होगी।
2. एडवांस स्कैम प्रोटेक्शन
गूगल मैसेंजर में अब एडवांस स्कैम प्रोटेक्शन जोड़ा गया है।
यह फीचर यूजर को हर लिंक खोलने से पहले चेतावनी देगा, अगर कोई संदिग्ध लिंक या स्कैम नजर आता है।
यह फीचर गूगल की AI तकनीक का इस्तेमाल कर डिवाइस को रियल टाइम में सुरक्षित बनाता है और आपको फिशिंग या मालवेयर अटैक से बचाता है।
3. मोबाइल नंबर से साइन-इन
अब यूजर्स केवल अपने मोबाइल नंबर पर OTP या वेरिफिकेशन के माध्यम से लॉगिन/साइन-इन कर पाएंगे।
इससे ऑनलाइन फ्रॉड जैसे SIM स्वैपिंग, फर्जी OTP फ्रॉड आदि घटनाओं में काफी कमी आएगी और अकाउंट अधिक सुरक्षित रहेंगे।
4. डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी
इन नए सिक्योरिटी फीचर्स से न सिर्फ यूजर की अकाउंट रिकवरी बेहद आसान हुई है, बल्कि डेटा प्राइवेसी, ओथेंटिसिटी और व्यक्तिगत सेफ्टी को एक नई ऊंचाई मिली है।
गूगल का कहना है कि यह फीचर्स वैश्विक स्तर पर सभी डिवाइसों पर लॉन्च किए जाएंगे।
5. ट्रस्टेड रिकवरी प्रोसेस का फायदा
- रिकवरी प्रक्रिया कोई भी अनजान या अवांछित व्यक्ति फेल नहीं कर पाएगा।
- सिर्फ आपकी पहचान और आपके द्वारा नामित ‘रिकवरी कॉन्टैक्ट’ ही कोड जनरेट कर सकते हैं।
- यह सुविधा मोबाइल, वेब और सभी गूगल सेवाओं पर उपलब्ध होगी।
AI Video Tool Must Important Update Must Know Details
भविष्य की टेक्नोलॉजी – AI वीडियो टूल्स, डिपफेक खतरा व पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म की पूरी जानकारी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी की दुनिया में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। मेटा, गूगल और बाइटडांस जैसी दिग्गज कंपनियों ने 2025 में वीडियो AI टूल्स लॉन्च किए हैं, जिससे सोशल मीडिया, शॉर्ट वीडियो फीड और ऑनलाइन क्रिएशन इंडस्ट्री में नए आयाम जुड़े हैं। हालांकि, इसके साथ ही डिपफेक (फेक वीडियो/इमेज) का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है।
1. क्या है AI वीडियो टूल्स का ट्रेंड?
2025 में AI शॉर्ट-फॉर्म वीडियो टूल्स ने वायरल वीडियोज, म्यूजिक और रचनात्मक पोस्ट में नया धमाल मचा दिया है। अब टेक्स्ट या इमेज दे कर भी यूज़र AI की मदद से अपना वर्चुअल अवतार या रियलिस्टिक वीडियो बना सकता है। इसका सबसे चर्चित उदाहरण Actor टॉम क्रूज जैसे दिखने वाले AI अवतार का वीडियो है, जो वायरल हुआ था।
2. डिपफेक के खतरे – 16 गुना अधिक आशंका!
AI टूल्स के आने से डिपफेक वीडियो और फोटो की वास्तविकता इतनी अधिक हो गई है कि आम लोग भी आसानी से अंदाजा नहीं लगा सकते कि वह फेक है या असली। एक्सपर्ट्स ने अनुमान लगाया है कि 2025 में डिपफेक की संख्या 5 लाख से बढ़कर 80 लाख से ऊपर पहुँच सकती है – जो कि 16 गुना अधिक है।
3. ये तीन कंपनियां हैं सबसे आगे
1. Vibes (Meta):
- Meta का एआई शॉर्ट-फॉर्म वीडियो फीड।
- 17 अक्टूबर 2025 तक 27 लाख एक्टिव यूज़र।
- एक माह पहले 775,000 थे। डाउनलोड्स अब 5 लाख प्रतिदिन तक बढ़ गए हैं।
2. Veo 3 (Google):
- मई 2025 में लॉन्च हुआ टूल।
- टेक्स्ट और इमेज से वीडियो जनरेट के लिए।
- अक्टूबर 2025 से 27.5 करोड़ वीडियो जनरेट हो चुके हैं।
3. Seedance 1.0 (ByteDance):
- जून 2025 में लॉन्च।
- विभिन्न मामलों में चीन में काफी पॉपुलर।
- भारत में अभी उपलब्ध नहीं, लेकिन टेक्नोलॉजी ट्रेंड का हिस्सा।
4. पॉडकास्ट का ट्रेंड
टेक्नोलॉजी की खबरें अब पॉडकास्ट के ज़रिए भी पहुंचने लगी हैं। रोजाना लाखों लोग टेक न्यूज को QR कोड स्कैन कर मोबाइल पर सुन रहे हैं।
यह न केवल जानकारियों की पहुंच बढ़ा रहा है, बल्कि यूज़र एक्सपीरियंस को भी समृद्ध कर रहा है।
5. फेक वीडियो और फ्रॉड की चुनौती
- रियलिस्टिक डिपफेक के खिलाफ कंपनियां लगातार वॉटरमार्क, वेरिफिकेशन और एडवांस AI मॉडल पर काम कर रही हैं।
- 2023 में AI वीडियो फ्रॉड के कारण 12.3 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।
- रिपोर्ट्स के अनुसार 2027 तक यह नुकसान 40 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है।
Samsung Galaxy XR Phone & JBL Headphone New Tech Update
🏆 बेस्ट ऑफ द वीक: सैमसंग का XR हेडसेट और JBL का Tour One M3 हेडफोन – टेक्नोलॉजी की नई उड़ान
🔹 परिचय
हर हफ्ते तकनीकी दुनिया में कुछ नया और इनोवेटिव सामने आता है।
इस बार टेक लवर्स के लिए सैमसंग (Samsung) और JBL (जेबीएल) लेकर आए हैं दो शानदार प्रोडक्ट्स —
एक है सैमसंग का XR हेडसेट (Galaxy XR) जो ऑगमेंटेड और वर्चुअल रियलिटी का अनोखा अनुभव देगा,
और दूसरा है JBL का Tour One M3 हेडफोन, जो अपनी दमदार साउंड क्वालिटी और एडवांस नॉइज़ कैंसलेशन टेक्नोलॉजी से संगीत प्रेमियों का दिल जीतने वाला है।
आइए जानते हैं दोनों प्रोडक्ट्स के फीचर्स, कीमत और खासियतों के बारे में विस्तार से 👇
🥽 1️⃣ सैमसंग गैलेक्सी XR हेडसेट — भविष्य की वर्चुअल दुनिया
🔸 सैमसंग की XR टेक्नोलॉजी का नया अध्याय
सैमसंग ने अपनी एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) तकनीक के तहत अपना पहला Galaxy XR हेडसेट पेश किया है।
यह हेडसेट न केवल वर्चुअल रियलिटी (VR) बल्कि ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) का भी जबरदस्त मिश्रण है।
🔹 एप्पल विज़न प्रो को सीधी टक्कर
सैमसंग का यह डिवाइस Apple Vision Pro का सीधा प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है।
जहाँ एप्पल का हेडसेट उच्च गुणवत्ता वाले अनुभव के लिए प्रसिद्ध है, वहीं सैमसंग ने इसे थोड़ी कम कीमत में पेश करके मार्केट में बड़ा धमाका किया है।
🔹 क्वालकॉम और गूगल का सहयोग
सैमसंग ने इस हेडसेट को Google और Qualcomm के साथ मिलकर विकसित किया है।
इसमें Qualcomm Snapdragon XR चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है, जो हाई-एंड प्रोसेसिंग पावर प्रदान करता है।
🔹 शानदार डिस्प्ले और परफॉर्मेंस
- यह हेडसेट Android XR प्लेटफॉर्म पर काम करता है।
- इसमें 4K रिज़ॉल्यूशन डिस्प्ले दिया गया है, जो क्रिस्टल-क्लियर विजुअल्स देता है।
- उपयोगकर्ता को ऐसा अनुभव मिलता है मानो वह वर्चुअल दुनिया में खुद मौजूद हो।
🔹 डिजाइन और कम्फर्ट
- हल्का और आरामदायक डिजाइन
- लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर भी सिर या आंखों पर दबाव नहीं
- बेहतरीन फिटिंग और एडजस्टेबल स्ट्रैप
💰 कीमत: करीब 1.58 लाख रुपये
🎧 2️⃣ JBL Tour One M3 हेडफोन — म्यूज़िक लवर्स के लिए परफेक्ट साथी
🔸 नया हेडफोन, नई तकनीक
JBL ने भारत में अपना नया प्रीमियम हेडफोन Tour One M3 लॉन्च किया है।
यह हेडफोन न केवल शानदार साउंड क्वालिटी देता है, बल्कि इसमें कई स्मार्ट फीचर्स भी जोड़े गए हैं।
🔹 दमदार ऑडियो परफॉर्मेंस
- इसमें दिए गए हैं 40mm के डायनामिक ड्राइवर्स, जो बेहतरीन साउंड डिटेल्स और बास प्रदान करते हैं।
- चाहे क्लासिकल म्यूज़िक हो या EDM, हर जॉनर में यह हेडफोन ध्वनि की सटीकता बरकरार रखता है।
🔹 ANC 2.0 नॉइज़ कैंसलेशन
Tour One M3 में JBL की लेटेस्ट ANC 2.0 (Active Noise Cancellation) तकनीक दी गई है।
यह आसपास के शोर को कम करके यूज़र को पूरी तरह डिस्टर्बेंस-फ्री ऑडियो एक्सपीरियंस देता है।
🔹 Smart Tx तकनीक
यह हेडफोन Smart Tx टेक्नोलॉजी के साथ आता है,
जिसकी मदद से आप इसे पुराने नॉन-ब्लूटूथ डिवाइस से भी कनेक्ट कर सकते हैं।
इससे पुराने टीवी या म्यूज़िक सिस्टम का उपयोग भी संभव हो जाता है।
🔹 बैटरी और कनेक्टिविटी
- बैटरी बैकअप: 70 घंटे तक का लगातार प्लेबैक
- फास्ट चार्ज सपोर्ट: सिर्फ 10 मिनट चार्ज में 5 घंटे का बैकअप
- Bluetooth 5.3 और मल्टी-डिवाइस पेयरिंग सपोर्ट
💰 कीमत: ₹34,999 से शुरू
🔍 तुलना: सैमसंग XR हेडसेट बनाम JBL Tour One M3
| फीचर | Samsung Galaxy XR Headset | JBL Tour One M3 Headphone |
|---|---|---|
| उपयोग | वर्चुअल और ऑगमेंटेड रियलिटी | संगीत और ऑडियो |
| प्लेटफॉर्म | Android XR | Bluetooth / Wired |
| डिस्प्ले | 4K रिज़ॉल्यूशन | 40mm ड्राइवर्स |
| टेक्नोलॉजी | AR + VR Experience | ANC 2.0, Smart Tx |
| बैटरी | इनबिल्ट रिचार्जेबल | 70 घंटे बैकअप |
| कीमत | ₹1.58 लाख | ₹34,999 से शुरू |
🧠 टेक विशेषज्ञों की राय
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि —
- सैमसंग का Galaxy XR हेडसेट मिक्स्ड रियलिटी की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भविष्य की वर्चुअल दुनिया को और वास्तविक बनाएगा।
- वहीं JBL का Tour One M3 हेडफोन ऑडियो क्वालिटी और स्मार्ट फीचर्स के मामले में बाजार के अन्य प्रीमियम हेडफोन्स को कड़ी टक्कर देगा।
ESSE Required Multiple Post Vacancy
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्टाफ चयन परीक्षा (ESSE) 2025 – NESTS में शिक्षक व स्टाफ भर्ती का सुनहरा मौका
राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (NESTS), जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के तहत देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (EMRS) में शिक्षकों और स्टाफ की बड़े पैमाने पर भर्ती हेतु ESSE-2025 के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। योग्य अभ्यर्थी के लिए यह सरकारी नौकरी पाने का स्वर्णिम अवसर है।
1. पदों की विस्तृत सूची
- प्राचार्य (Principal) – 225 पद
- स्नातकोत्तर शिक्षक (PGTs) – 1460 पद
- प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGTs) – 3962 पद
- हॉस्टल वार्डन (पुरुष/महिला) – 635 पद
- लेब्रेरियन – 61 पद
- कनिष्ठ सचिवालय सहायक (JSA) – 228 पद
- अकाउंटेंट – 476 पद
- कंप्यूटर प्रयोगशाला सहायक – 146 पद
2. आवेदन की तारीखें व विस्तार
- ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि (विस्तारित): 28 अक्टूबर 2025 तक।
- फीस शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 23 अक्टूबर 2025
- परीक्षा तिथि व अन्य अपडेट: बाद में वेबसाइट पर जारी होंगे।
- आधिकारिक वेबसाइट: https://emrs.tribal.gov.in या https://cgglbfvgcbk.in
3. योग्यता व पात्रता
- हर पद के लिए अलग-अलग शैक्षिक योग्यता, अनुभव और आयु सीमा निर्धारित है।
- स्नातक/परास्नातक डिग्री, शिक्षक प्रशिक्षण (B.Ed/TET) व संबंधित विषय के प्रमाणपत्र अनिवार्य।
- आरक्षण व आयु छूट नियम भारत सरकार के अनुसार लागू होंगे।
- केवल भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं।
4. आवेदन प्रक्रिया
- इच्छुक अभ्यर्थी NESTS की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।
- सभी दस्तावेज सही फॉर्मेट में अपलोड करें।
- सूचना का प्रविष्टि, आवेदन शुल्क भुगतान तथा फाइनल सबमिट के बाद प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।
- फीस का भुगतान डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग द्वारा किया जा सकता है।
5. चयन प्रक्रिया
- चयन लिखित परीक्षा, साक्षात्कार, दस्तावेज सत्यापन के आधार पर होगा।
- परीक्षा तिथि, एडमिट कार्ड व मेरिट सूची NESTS की वेबसाइट पर समय-समय पर जारी होगी।
6. महत्वपूर्ण निर्देश
- आवेदन की अंतिम तिथि से पहले सभी प्रक्रिया पूरी कर लें।
- फीस समय पर न जमा होने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
- सभी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट और NESTS के नोटिफिकेशन से ही जांचें।
- हेल्पलाइन और FAQs सेक्शन ऑनलाइन उपलब्ध है।
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📘 योजना का उद्देश्य
राज्य सरकार का मानना है कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को भी उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का समान अवसर मिलना चाहिए। खासकर उन छात्रों के लिए यह पहल बहुत उपयोगी होगी, जो कोचिंग संस्थानों की ऊँची फीस नहीं चुका पाते। इस योजना के माध्यम से छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन क्लासेज, टेस्ट सीरीज़ और नियमित मूल्यांकन की सुविधा मिलेगी।
💡 कब से शुरू होगी कोचिंग
सूत्रों के अनुसार, यह योजना दिसंबर 2025 से शुरू की जाएगी। राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा इस पूरी व्यवस्था को “बिहार शिक्षा परियोजना परिषद” (BEP) और अन्य तकनीकी एजेंसियों की मदद से लागू किया जाएगा। योजना की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और दिसंबर तक छात्रों को कोचिंग का एक्सेस मिल जाएगा।
🎯 किस तरह की कोचिंग मिलेगी
- मेडिकल (NEET) की तैयारी – बायोलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री जैसे विषयों में विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन लेक्चर दिए जाएंगे।
- इंजीनियरिंग (JEE) की तैयारी – मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री विषयों की उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग दी जाएगी।
- आईआईटी और अन्य तकनीकी संस्थानों में दाखिले की तैयारी के लिए भी विशेष मटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा।
- अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे रेलवे, बैंकिंग, एसएससी आदि की तैयारी के लिए आगे चलकर सामग्री जोड़ी जा सकती है।
🖥️ कैसे मिलेगा लाभ
छात्रों को इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए किसी प्रकार की फीस नहीं देनी होगी।
- प्रत्येक छात्र को एक यूनिक लॉगिन आईडी दी जाएगी।
- निर्धारित पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से वे क्लासेज देख सकेंगे।
- हर सप्ताह छात्रों का मूल्यांकन (Assessment Test) लिया जाएगा।
- मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर कमजोर छात्रों को अतिरिक्त मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
👩🏫 शिक्षकों की भूमिका
राज्य सरकार के अनुसार, इन ऑनलाइन क्लासेज को संचालित करने के लिए देश के प्रतिष्ठित शिक्षकों और संस्थानों की मदद ली जाएगी।
- IIT कानपुर जैसे संस्थान भी इस परियोजना में तकनीकी सहयोग देंगे।
- प्रत्येक विषय के लिए विशेषज्ञ फैकल्टी द्वारा इंटरएक्टिव लेक्चर तैयार किए जा रहे हैं।
- शिक्षकों को यह भी बताया गया है कि वे छात्रों की प्रगति का साप्ताहिक फीडबैक दें।
📈 सफलता सुनिश्चित करने के उपाय
शिक्षा विभाग ने बताया कि इस पूरी परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
- पहले चरण में सरकारी स्कूलों के इंटर छात्रों को जोड़ा जाएगा।
- इसके बाद निजी स्कूलों के जरूरतमंद छात्रों को भी शामिल किया जा सकता है।
- परियोजना की निगरानी के लिए एक विशेष राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग टीम बनाई जा रही है।
- छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
💬 क्या बोले अधिकारी
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि—
“हमारा उद्देश्य यह है कि बिहार के छात्र भी देश के अन्य राज्यों की तरह प्रतिस्पर्धी माहौल में तैयार हो सकें। आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे की प्रतिभा में बाधा नहीं बननी चाहिए।”
उन्होंने यह भी बताया कि यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में इसे और विस्तारित किया जाएगा।
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🎯 क्या है नया फीचर?
यूट्यूब ने अपने शॉर्ट्स वीडियो प्लेटफॉर्म के लिए एक नया टाइम लिमिट फीचर पेश किया है।
इस फीचर के तहत यूजर्स यह तय कर सकेंगे कि वे दिन में कितने समय तक शॉर्ट्स देखना चाहते हैं। जैसे —
- 15 मिनट,
- 30 मिनट,
- 1 घंटा, या
- अपनी सुविधा के अनुसार समय सीमा निर्धारित कर सकते हैं।
जब निर्धारित समय पूरा हो जाएगा, तो यूट्यूब की स्क्रीन पर एक रिमाइंडर मैसेज दिखाई देगा जो बताएगा कि आज का देखने का समय समाप्त हो गया है।
📱 क्यों लाया गया यह फीचर?
आज के समय में खासकर युवा और बच्चे शॉर्ट वीडियो देखने में घंटों बर्बाद कर देते हैं।
यूट्यूब शॉर्ट्स, इंस्टाग्राम रील्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर लगातार स्क्रॉलिंग करने से ध्यान भटकता है, और यह डिजिटल एडिक्शन (लत) का रूप ले लेता है।
यूट्यूब ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि—
- लोग अपना समय प्रोडक्टिव चीजों में लगा सकें,
- स्क्रीन टाइम कम किया जा सके,
- और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव को घटाया जा सके।
🧠 “स्क्रॉलिंग” की समस्या से बचाव
डिजिटल विशेषज्ञों का कहना है कि “इंफिनिट स्क्रॉलिंग (Infinite Scrolling)” सोशल मीडिया की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है।
लोग बिना किसी उद्देश्य के वीडियो देखते रहते हैं और यह उनके मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
यूट्यूब ने इसे ध्यान में रखते हुए यह फीचर तैयार किया है। जब उपयोगकर्ता का निर्धारित समय पूरा हो जाएगा, तो शॉर्ट्स वीडियो अपने-आप रुक जाएंगे, और स्क्रीन पर एक चेतावनी संदेश दिखाई देगा कि “आज के लिए आपका वॉच टाइम समाप्त हो गया है।”
⏳ कैसे करेगा यह फीचर काम?
- यूजर सेटिंग्स में जाकर अपने देखने का समय तय करेगा।
- यूट्यूब बैकग्राउंड में टाइम काउंट करेगा।
- निर्धारित समय पूरा होने पर ऐप स्वतः नोटिफिकेशन दिखाएगा।
- उपयोगकर्ता चाहे तो उस नोटिफिकेशन को “स्नूज़” कर कुछ अतिरिक्त समय भी चुन सकता है।
यह फीचर उपयोगकर्ता के लिए एक प्रकार का “डिजिटल डिटॉक्स” (Digital Detox) टूल साबित हो सकता है।
👪 माता-पिता के लिए राहत
यह फीचर खास तौर पर माता-पिता के लिए फायदेमंद होगा, जो अपने बच्चों के अत्यधिक स्क्रीन टाइम को लेकर चिंतित रहते हैं।
अब वे अपने बच्चों के यूट्यूब अकाउंट पर टाइम लिमिट सेट कर सकेंगे, जिससे बच्चे नियंत्रित समय में ही वीडियो देख पाएंगे।
इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई पर सकारात्मक असर पड़ेगा, बल्कि उनका ध्यान मोबाइल से हटाकर अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी लगाया जा सकेगा।
🌍 मानसिक स्वास्थ्य और प्रोडक्टिविटी पर असर
रिपोर्टों के अनुसार, लंबे समय तक शॉर्ट वीडियो देखने से व्यक्ति का ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो जाती है और “डोपामीन रश” के कारण दिमाग लगातार नए वीडियो की तलाश में लगा रहता है।
इस वजह से लोग छोटे वीडियो देखकर भी थकान और बेचैनी महसूस करने लगते हैं।
यूट्यूब का यह नया फीचर लोगों को यह समझने में मदद करेगा कि वे कितना समय सोशल मीडिया पर बिता रहे हैं, और समय रहते अपने डिजिटल व्यवहार में सुधार कर सकें।
🧩 भविष्य में और भी सुधार संभव
यूट्यूब ने कहा है कि यह फीचर फिलहाल परीक्षण (Testing) चरण में है और आने वाले महीनों में इसे सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
कंपनी का लक्ष्य है कि यह फीचर लोगों को संतुलित ऑनलाइन जीवनशैली अपनाने में मदद करे।
संभावना है कि भविष्य में यूट्यूब इस फीचर को और भी स्मार्ट बनाएगा, जिसमें—
- डेली रिपोर्ट,
- वीकली टाइम एनालिसिस,
- और फोकस मोड जैसी सुविधाएँ जोड़ी जा सकती हैं।
Simutala Awasiye Vidyalya Jamui Examination Centre Change New Update
यह बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण सूचना है, जो सिमुलतला आवासीय विद्यालय, सिमुलतला, जमुई में कक्षा-VI (सत्र 2026-27) में नामांकन हेतु आयोजित होने वाली प्रारंभिक प्रवेश परीक्षा, 2026 के परीक्षा केंद्र परिवर्तन के संबंध में है।
मुख्य सूचना:
सिमुलतला आवासीय विद्यालय, सिमुलतला, जमुई के कक्षा-VI (सत्र 2026-27) में नामांकन हेतु दिनांक 31.10.2025 को आयोजित होने वाली प्रारंभिक प्रवेश परीक्षा, 2026 के निम्नलिखित परीक्षा केंद्रों को अपरिहार्य कारणवश परिवर्तित किया गया है।
परिवर्तित परीक्षा केंद्रों का विवरण:
| क्र.सं. | जिला | पूर्व निर्धारित परीक्षा केंद्र | परिवर्तित परीक्षा केंद्र का नाम |
| 1. | जमुई | +2 हाई स्कूल जमुई, स्टेट बैंक के नजदीक, जमुई-811307 | अशोका पब्लिक स्कूल, जमुई, सिकन्दरा रोड, जमुई |
| 2. | बेगूसराय | आर० उमर गर्ल्स +2 स्कूल, विष्णुपुर | आर०बी०एस०एस० +2 स्कूल हरपुर, बेगूसराय, बरौनी, बेगूसराय |
| 3. | सहरसा | मनोहर हाई स्कूल, सहरसा | आर०एम०एम० लॉ कॉलेज, सहरसा |
| 4. | पटना | शहीद राजेन्द्र प्रसाद सिंह (एस.आर.पी.एस.) राजकीय हाई स्कूल, गर्दनीबाग, रोड नं. 16 पो. – अनीसाबाद, पटना-800002 | महन्त हनुमान शरण कॉलेज, राजापुर, मैनपुरा, पटना |
अतिरिक्त निर्देश:
- संबंधित परीक्षार्थियों को पूर्व निर्गत प्रवेश पत्र के आधार पर परिवर्तित परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी। इसका अर्थ है कि छात्रों को अपने पुराने प्रवेश पत्र के साथ ही नए परीक्षा केंद्र पर जाना होगा।
विज्ञप्ति संख्या: पी.आर.ओ. 265 / 2025
जारीकर्ता: परीक्षा नियंत्रक (विविध)
यह सूचना उन सभी छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने सिमुलतला आवासीय विद्यालय की प्रारंभिक प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन किया है, ताकि वे समय पर सही परीक्षा केंद्र पर पहुंच सकें और किसी भी असुविधा से बच सकें। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के सोशल मीडिया हैंडल्स भी नीचे दिए गए हैं ताकि नवीनतम अपडेट प्राप्त किए जा सकें।
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📘 बिना आधार कार्ड के नहीं होगा दाखिला
शिक्षा विभाग के अनुसार, अब हर विद्यार्थी का आधार कार्ड अनिवार्य होगा। जिन छात्रों के पास आधार नहीं होगा, उनका नामांकन नहीं किया जाएगा। यह नियम पहली से लेकर 12वीं तक सभी कक्षाओं पर लागू होगा।
पिछले कुछ वर्षों में पाया गया था कि कई छात्र एक साथ दो अलग-अलग सरकारी स्कूलों में नामांकित थे। वर्ष 2025 में ही पटना जिले के विभिन्न स्कूलों में करीब 6,000 से अधिक छात्रों के दोहरे नामांकन का मामला सामने आया था। इसी तरह के मामलों को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है।
🔍 दोहरे नामांकन पर कड़ी नजर
नए सत्र से हर जिले के जिला शिक्षा कार्यालय को सख्ती से निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। यदि किसी छात्र का दो स्थानों पर नामांकन पाया जाता है, तो उसकी जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी।
- सरकारी और निजी दोनों स्कूलों को इस नियम का पालन करना होगा।
- स्कूलों से छात्रों का पूरा डाटा शिक्षा पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा।
- बिना आधार के किसी भी छात्र की प्रविष्टि पोर्टल पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
इससे सरकार को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि हर छात्र को सरकारी सुविधाएँ और छात्रवृत्तियाँ एक ही आधार नंबर के तहत मिलें, ताकि कोई भी छात्र एक से अधिक लाभ न उठा सके।
💡 आधार कार्ड से मिलने वाले फायदे
- स्कूलों में नामांकन की पहचान आसान होगी।
- सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुँचेगा।
- फर्जी नामांकन पर रोक लगेगी।
- छात्रों की शैक्षणिक जानकारी और उपस्थिति सटीक तरीके से दर्ज की जाएगी।
- जनगणना और शिक्षा से जुड़ी आँकड़ों की सटीकता बढ़ेगी।
🧾 नामांकन प्रक्रिया कब से शुरू होगी
शिक्षा विभाग के अनुसार, 2026 के नामांकन सत्र से यह नियम पूरी तरह लागू होगा।
इससे पहले सभी स्कूलों को अपने छात्रों के आधार नंबर को शिक्षा पोर्टल पर अपडेट करना होगा।
- जिन छात्रों के पास अभी आधार कार्ड नहीं है, उन्हें जल्द से जल्द बनवाने का निर्देश दिया गया है।
- जिला शिक्षा अधिकारी और विद्यालय प्रबंधक को इसकी जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी बच्चा बिना आधार के दाखिला न ले सके।
🎓 इंटर में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटर 2025 एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- छात्रों को 8 नवंबर 2025 तक रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।
- रजिस्ट्रेशन BSEB की वेबसाइट या स्कूल के माध्यम से किया जा सकता है।
- स्कूलों को छात्रों के रजिस्ट्रेशन की हार्ड कॉपी समिति को भेजनी होगी।
समिति ने यह भी कहा है कि जिन संस्थानों का नामांकन अभी तक समिति से संबद्ध नहीं है, उन्हें पहले मान्यता प्राप्त करनी होगी।
🏫 स्कूलों को जारी किए गए निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि—
- हर छात्र का यूनीक आधार नंबर और नामांकन डाटा पोर्टल पर अपलोड हो।
- एक ही छात्र का दो बार नामांकन पाए जाने पर तुरंत रिपोर्ट दी जाए।
- जिन स्कूलों में गड़बड़ी मिलेगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा शिक्षा विभाग ने स्कूलों से यह भी कहा है कि जिन छात्रों का आधार नहीं है, उनके लिए विशेष कैंप लगाए जाएँ ताकि उन्हें आसानी से आधार कार्ड मिल सके।
🧠 अन्य अपडेट: NEET एडमिशन की आखिरी तारीख
खबर के निचले हिस्से के अनुसार, नीट (NEET) परीक्षा के तहत थर्ड राउंड काउंसलिंग की प्रक्रिया चल रही है।
- मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की वेबसाइट mcc.nic.in पर एडमिशन प्रक्रिया जारी है।
- नीट के तीसरे राउंड में 1 नवंबर 2025 तक एडमिशन लिए जा सकते हैं।
- जो विद्यार्थी तय तिथि तक दाखिला नहीं लेंगे, उन्हें अगले राउंड में शामिल नहीं किया जाएगा।
ICAR Required Multiple Post Vacancy
यह छवि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा जारी किए गए एक वॉक-इन-इंटरव्यू विज्ञापन का विवरण प्रस्तुत करती है। यह विज्ञापन विशेष रूप से “टेक्नोलॉजी एजेंट (TA)” के दो पदों के लिए है।
विज्ञापन का विवरण:
- संस्था: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर (ICAR Research Complex for Eastern Region)
- स्थान: ICAR परिसर, पीओ- बिहार वेटरनरी कॉलेज, पटना-800014 (बिहार)
- फोन नंबर: 2228805, फैक्स नंबर: 2223956, ईमेल: [email protected]
- फ़ाइल नंबर: F.No. IRCER/12-30/Rectt./TA/2024
- जारी होने की तिथि: 24.10.2025
वॉक-इन-इंटरव्यू विवरण:
- पद का नाम: टेक्नोलॉजी एजेंट (TA) – 02 पद
- प्रोजेक्ट का नाम: “क्लस्टर फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (CFLD)-01 & मॉडल पल्सेस विलेज प्रोजेक्ट (2025-26)-01 at ICAR-RCER KVK, Buxar”
- प्रोजेक्ट की अवधि: शामिल होने की तारीख या प्रोजेक्ट की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, मार्च 2026 तक।
- इंटरव्यू की तिथि और स्थान: 03 नवंबर, 2025 को ICAR Research Complex for Eastern Region, ICAR परिसर, पीओ- बीवी कॉलेज, पटना-800014 (बिहार) में।
पद के लिए पात्रता मानदंड:
- पारिश्रमिक (Emolument): ₹10,000/- प्रति माह (समेकित)।
- आवश्यक योग्यता:
- 10+2 या इंटरमीडिएट पास।
- वांछनीय: कृषि क्षेत्र में 02 साल का कार्य अनुभव, MS Office, Excel, आदि का ज्ञान, और वैध 2-पहिया/LMW (लाइट मोटर वाहन) लाइसेंस।
- आयु सीमा (इंटरव्यू की तिथि पर):
- पुरुषों के लिए अधिकतम 35 वर्ष।
- महिलाओं के लिए अधिकतम 40 वर्ष।
- भारत सरकार/ICAR के नियमों के अनुसार आयु में छूट देय होगी।
कार्यस्थल: मुख्य रूप से ICAR-RCER KVK, बक्सर।
महत्वपूर्ण नोट:
- विस्तृत नियमों और शर्तों के लिए, उम्मीदवार ICAR-Research Complex for Eastern Region, पटना की वेबसाइट पर जा सकते हैं या डॉ. देवकरन, सीनियर साइंटिस्ट सह प्रमुख और PI, ICAR-RCER KVK, बक्सर से संपर्क कर सकते हैं।
- मोबाइल नंबर: 7903661262, 9470375113
जारीकर्ता: सहायक प्रशासनिक अधिकारी ICAR-RCER, पटना
यह वॉक-इन-इंटरव्यू कृषि क्षेत्र में रुचि रखने वाले और आवश्यक योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों के लिए एक अस्थायी पद पर कार्य करने का अवसर प्रदान करता है।
25 Oct 2025 Multiple Post Vacancy Required Documents
- Aadhar Card
- Educational Qualification Documents
- Passport size photo
- Signature
- Residence Certificate
- Caste/ Non-Creamy Layer/ EWS Certificate, if applicable
- Mobile No.
- Email ID
- And other required documents
- PWD Certificate If Applicable