गूगल ने अपने स्टडी टूल्स को और बेहतर बनाते हुए छात्रों के लिए कई नए फीचर्स पेश किए हैं। अब छात्र PDF या फोटो अपलोड करके सवालों के जवाब पा सकेंगे, साथ ही गूगल लेंस में नए फीचर्स के जरिए पढ़ाई को आसान बना पाएंगे।
07 New Govt. Services In Aug 2025: Overviews
| आर्टिकल का प्रकार | 05 Latest New Tech Udpate |
| आर्टिकल का नाम | Today 05 Most Important New Update |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| ऑफिसियल वेब्साइट | Click Here |
Google AI & Tech New Update of Aug 2025
गूगल ने छात्रों के लिए पेश किए नए स्टडी टूल्स
गूगल ने अपने स्टडी टूल्स को और बेहतर बनाते हुए छात्रों के लिए कई नए फीचर्स पेश किए हैं। अब छात्र PDF या फोटो अपलोड करके सवालों के जवाब पा सकेंगे, साथ ही गूगल लेंस में नए फीचर्स के जरिए पढ़ाई को आसान बना पाएंगे।
📄 PDF या फोटो अपलोड करके पाएं जवाब
छात्र अब PDF या इमेज अपलोड करके उससे जुड़े सवाल पूछ सकते हैं। गूगल लेंस के जरिए पढ़ाई से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी।
🎓 कैनवस: पढ़ाई का नया तरीका
गूगल ने छात्रों के लिए “कैनवस” टूल भी पेश किया है, जहां वे अपनी स्टडी मटेरियल को व्यवस्थित कर सकते हैं। इसमें नोट्स बनाने और साझा करने की सुविधा भी मिलेगी।
🎥 स्टडी लाइव: वीडियो से पढ़ाई आसान
गूगल ने अपने स्टडी लाइव फीचर में वीडियो सपोर्ट को बेहतर बनाया है। अब छात्र पढ़ाई के दौरान वीडियो कंटेंट का भी उपयोग कर सकते हैं।
टॉप-5 एआई वीडियो टूल्स – आसानी से बनाएं छोटे रील वीडियो
आज के दौर में शॉर्ट वीडियो और रील्स का चलन बढ़ गया है। अब AI टूल्स की मदद से कुछ सेकेंड में प्रोफेशनल वीडियो बनाए जा सकते हैं।
📌 5 उपयोगी AI टूल्स:
1️⃣ मेटा एआई – केवल टेक्स्ट देकर वीडियो जनरेट कर सकता है।
2️⃣ गूगल एमआई स्टूडियो – गूगल का नया टूल, जो वीडियो को प्रोफेशनल टच देता है।
3️⃣ इनविडियो एआई – वीडियो बनाने के लिए टेम्पलेट्स और एडिटिंग टूल्स उपलब्ध कराता है।
4️⃣ क्लिंग एआई – यह ऑटोमैटिक वीडियो एडिटिंग करता है और ट्रांजिशन इफेक्ट्स जोड़ता है।
5️⃣ रनवे एआई – प्रोफेशनल वीडियो एडिटिंग और AI इफेक्ट्स के लिए प्रसिद्ध है।
AI ने डिप्रेशन से निकाला, पर सिखाई इंसानी अहमियत
अमेरिका की एक महिला ने बताया कि कैसे उसने AI चैटबॉट को अपना दोस्त बनाया और उससे बात करके डिप्रेशन से बाहर निकली।
हालांकि, महिला ने यह भी कहा कि AI मदद तो कर सकता है, लेकिन इंसानी दोस्ती और रिश्तों की अहमियत को कोई मशीन नहीं बदल सकती।
वनप्लस और सैमसंग के बाद एप्पल भी लाएगा फोल्डेबल फोन
फोल्डेबल स्मार्टफोन मार्केट में एप्पल भी उतरने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल 2026 में अपना पहला फोल्डेबल फोन लॉन्च करेगा।
यह फोन Samsung Galaxy Z Fold और OnePlus Open जैसे डिवाइसेस को टक्कर देगा।
इस हफ्ते की प्रमुख टेक अपडेट्स
📌 1. अमेजन ने लॉन्च किया इको शो 5 – नई डिस्प्ले और Alexa सपोर्ट के साथ।
📌 2. सैमसंग का नया लैपटॉप लॉन्च – Galaxy Book 4 Edge, Snapdragon X Elite चिपसेट के साथ।
📌 3. गूगल पिक्सल फोल्ड 10 सीरीज – 2026 में लॉन्च होने की संभावना।
📌 4. प्रोटॉन का नया चैटजीपीटी विकल्प – प्राइवेसी-फ्रेंडली AI चैटबॉट।
Bihar 125 Unit Free Electrcity Fraud New Update
125 यूनिट फ्री बिजली के नाम पर धोखाधड़ी से बचाने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
पटना, कैमूर – बिजली कंपनियों ने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने के नाम पर चल रही ठगी से लोगों को सतर्क करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 1912 जारी किया है। इस नंबर पर उपभोक्ता पूरी जानकारी ले सकते हैं और किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
📌 क्या है मामला?
हाल के दिनों में ठगों द्वारा लोगों को फर्जी मैसेज और फोन कॉल किए जा रहे हैं, जिसमें 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का झांसा दिया जाता है। लोगों से कहा जाता है कि वे एक लिंक पर क्लिक करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करें।
📌 बिजली कंपनियों की चेतावनी
कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि वे इस तरह के किसी भी लिंक के माध्यम से व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगतीं। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर भरोसा न करें और तुरंत 1912 नंबर पर इसकी सूचना दें।
📌 कैसे करें शिकायत?
- उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं।
- कॉल के जरिए संदिग्ध मैसेज या कॉल की जानकारी दी जा सकती है।
- बिजली कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
📌 उपभोक्ताओं के लिए सावधानियां
✅ किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
✅ बैंक डिटेल्स, आधार नंबर, OTP जैसी जानकारी कभी साझा न करें।
✅ सिर्फ बिजली कंपनी के आधिकारिक चैनलों पर भरोसा करें।
📌 कंपनी का उद्देश्य
इस हेल्पलाइन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को ठगी से बचाना और उन्हें सही जानकारी उपलब्ध कराना है। कंपनी ने कहा है कि सभी योजनाओं की जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन के माध्यम से दी जाती है।
AI New Udpate Aug 2025
AI चैटबॉट्स की नई संभावनाएं – गोक, मानुस और मिस्ट्रल एआई की खासियतें
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी से नए टूल और चैटबॉट्स विकसित हो रहे हैं। इन चैटबॉट्स का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं की विभिन्न जरूरतों को आसान बनाना है – चाहे वह जानकारी खोजने का काम हो, कंटेंट तैयार करना हो या पेशेवर मदद लेना हो।
🔹 गोक – अलग-अलग मोड की खासियत
गोक, एक्सएम एआई द्वारा विकसित एक उन्नत चैटबॉट है।
- इसमें डीप सर्च, डीप सर्च मिक्स और डीप मोड जैसे खास इंटरफेस मौजूद हैं।
- यह रिसर्च, इमेज बनाना, डेटा एनालिसिस, कोडिंग और क्रिएटिव कार्यों में मदद करता है।
- गोक को बहुमुखी और स्मार्ट बनाने के लिए इसे ट्रांसफॉर्मर आर्किटेक्चर के साथ डिजाइन किया गया है।
🔹 मानुस – एक्सपर्ट कंटेंट के लिए खास
मानुस एआई टूल खासतौर पर प्रोफेशनल और एक्सपर्ट कंटेंट तैयार करने के लिए बनाया गया है।
- यह रिसर्च पेपर, ब्लॉग, सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो स्क्रिप्ट और मार्केटिंग कंटेंट बनाने में मदद करता है।
- इसमें रिसर्च को सपोर्ट करने वाले फीचर्स शामिल हैं, जिससे जटिल विषयों पर भी गहराई से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
- मानुस का उपयोग स्टार्टअप्स, क्रिएटर्स और कंटेंट राइटर्स के लिए बेहद उपयोगी है।
🔹 मिस्ट्रल एआई – लेटेस्ट चैट एआई टूल
मिस्ट्रल एआई एक नया चैटबॉट है, जो मानव-सदृश जवाब देने में सक्षम है।
- यह उपयोगकर्ताओं के सवालों का उत्तर देने, रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराने और रचनात्मक कंटेंट बनाने में मदद करता है।
- इसे विशेष रूप से रिसर्च, सोशल मीडिया, और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- मिस्ट्रल एआई की खासियत है कि इसे विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म्स (मोबाइल, डेस्कटॉप और वेब) पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।
ये तीनों चैटबॉट्स विभिन्न प्रकार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बनाए गए हैं। जहां गोक रिसर्च और डेटा एनालिसिस के लिए बेहतर है, वहीं मानुस कंटेंट क्रिएशन के लिए और मिस्ट्रल एआई रियल-टाइम चैट सपोर्ट के लिए खासतौर पर उपयोगी है।
AI New Update for Different Work Different AI Launched
AI टूल्स की बढ़ती लोकप्रियता – क्लाउड एआई, क्वेकन और एलएम स्टूडियो की खासियतें
आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से लोगों के जीवन और कामकाज में अपनी जगह बना रहा है। कई नए AI टूल्स और प्लेटफ़ॉर्म लगातार विकसित किए जा रहे हैं, जो डेवलपर्स, रिसर्चर्स और व्यवसायों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। इनमें क्लाउड एआई, क्वेकन और एलएम स्टूडियो खासतौर पर चर्चा में हैं।
🔹 क्लाउड एआई – डेवलपर्स की पहली पसंद
क्लाउड एआई का मुफ्त संस्करण, चैटजीपीटी के फ्री वर्ज़न जैसा है।
- इसका उपयोग डेवलपर्स, रिसर्चर्स और नए AI प्रोजेक्ट्स बनाने वालों द्वारा किया जा रहा है।
- क्लाउड एआई कई उन्नत सुविधाएं प्रदान करता है, जिनमें कोडिंग सपोर्ट, टेक्स्ट जेनरेशन और डेटा एनालिसिस शामिल हैं।
- यह कंपनियों के लिए एक भरोसेमंद प्लेटफ़ॉर्म बन रहा है और लगातार इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है।
🔹 क्वेकन – डेटा एनालिसिस में तेज
क्वेकन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एक वितरित भाषा मॉडल (Distributed Language Model) है।
- यह बड़े डेटा सेट पर प्रशिक्षित है और रियल-टाइम डेटा एनालिसिस के लिए बेहद तेज माना जाता है।
- इसका उपयोग स्टॉक मार्केट रिसर्च, बिजनेस प्लानिंग, मार्केट सर्वे और कस्टमर एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।
- क्वेकन का मुख्य उद्देश्य डेटा प्रोसेसिंग को आसान और तेज बनाना है।
🔹 एलएम स्टूडियो – ऑफलाइन भी करेगा काम
एलएम स्टूडियो एक ऐसा टूल है, जिसे इंटरनेट के बिना भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
- इसे इंस्टॉल करने के बाद यह ऑफलाइन मोड में चल सकता है, जो उन उपयोगकर्ताओं के लिए बेहद सुविधाजनक है जिनके पास लगातार इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध नहीं होता।
- यह प्लेटफ़ॉर्म उन लोगों के लिए उपयोगी है जो लोकल मशीन पर AI मॉडल चलाना चाहते हैं।
Bihar Free Bijali 125 Unit New Udpate
शहर में पांच लाख उपभोक्ताओं को नहीं लगेगा बिजली का फिक्स्ड चार्ज
पटना, 2 अगस्त 2025:
बिहार सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है, जिसके बाद अब पटना सहित पूरे बिहार के पांच लाख उपभोक्ताओं को फिक्स्ड चार्ज से राहत मिलेगी। यह कदम बिजली बिल में सुधार लाने और आम उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अब इन उपभोक्ताओं को उनके मौजूदा बिजली उपयोग के आधार पर ही बिल मिलेगा, और फिक्स्ड चार्ज की कोई अतिरिक्त राशि नहीं लगेगी।
क्या है यह योजना?
इस योजना के तहत, बिहार सरकार ने 86 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य खासतौर पर उन उपभोक्ताओं को राहत देना है, जिनका बिजली का उपयोग कम है, ताकि उन्हें अतिरिक्त फिक्स्ड चार्ज का बोझ न उठाना पड़े।
लाभार्थी उपभोक्ता कौन होंगे?
यह योजना खासकर उन उपभोक्ताओं के लिए लागू होगी, जो पांच लाख उपभोक्ताओं में आते हैं और जिनका बिजली का उपयोग 125 यूनिट तक होता है। ऐसे उपभोक्ताओं को अब फिक्स्ड चार्ज से मुक्ति मिलेगी और वे केवल उनके द्वारा उपयोग की गई बिजली का ही भुगतान करेंगे।
क्यों लिया गया यह कदम?
बिहार सरकार ने इस योजना की शुरुआत इसलिए की है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सस्ती और किफायती बिजली मिल सके। साथ ही, यह कदम ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करेगा और बकाया बिजली बिलों के भुगतान में भी सुधार लाएगा।
इस कदम से फिक्स्ड चार्ज के कारण जो अतिरिक्त बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ रहा था, वह अब समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा, राज्य में मासिक बिजली बिल के समय में भी सुधार देखने को मिलेगा, जिससे आम जनता को आर्थिक राहत मिलेगी।
आगे की प्रक्रिया:
यह योजना पहले चरण में लागू की गई है और आने वाले समय में इसे अन्य जिलों तक भी विस्तारित किया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ मिलेगा, उन्हें अपने बिजली मीटर से संबंधित जानकारी को अपडेट करना होगा। इसके लिए नए मीटर भी लगाए जा सकते हैं, ताकि सही तरीके से बिलिंग हो सके।
Bihar Voter List Objection New Update
बिहार में 65.64 लाख वोटरों के नाम हटने के बाद आज से करेंगे दावा-आपत्ति
पटना, 2 अगस्त 2025:
हाल ही में बिहार में वोटर लिस्ट की सफाई का काम पूरा हुआ है, जिसके तहत अब तक लगभग 65.64 लाख वोटरों के नाम ड्राफ्ट सूची से हटा दिए गए हैं। इन नामों को हटाने का उद्देश्य मतदाता सूची को और भी साफ और सही बनाना था। अब इन 65.64 लाख वोटरों को आज से अपने नामों को फिर से जोड़ने के लिए दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा।
क्यों हटाए गए वोटर्स के नाम?
सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देश भर में मतदाता सूची को सही करने का काम लगातार चल रहा है। बिहार में वोटर लिस्ट के लिए विशेष अभियान चलाया गया था, जिसमें पिछले कई महीनों से उन वोटरों के नाम हटाए जा रहे थे, जिनके बारे में जानकारी में कोई गड़बड़ी थी या वे मतदान योग्य नहीं पाए गए थे। इसके अलावा, कुछ वोटर पहले की लिस्ट से हटा दिए गए थे क्योंकि उनका नाम और विवरण मिलान नहीं कर सका।
अब, जिन वोटरों के नाम हटाए गए हैं, वे आज से 18 अगस्त 2025 तक अपने नाम की पुनः सूची में जुड़वाने के लिए दावा और आपत्ति दाखिल कर सकते हैं।
मुख्य जिलों से नाम हटाए गए वोटरों की संख्या
वोटर लिस्ट से सबसे अधिक नाम पटना जिले से हटाए गए हैं, जहां 3,95,500 नाम हटाए गए हैं। इसके बाद, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, और गोपालगंज जैसे जिलों से भी बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। खास बात यह है कि पटना जिला देश का सबसे अधिक आबादी वाला जिला है और यहां से सबसे ज्यादा नाम हटाए गए हैं।
| जिला | हटाए गए नामों की संख्या |
|---|---|
| पटना | 3,95,500 |
| मुजफ्फरपुर | 3,52,545 |
| भागलपुर | 3,16,763 |
| दरभंगा | 2,73,930 |
| गोपालगंज | 2,63,677 |
नाम हटाने की प्रक्रिया
वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया पिछले कुछ महीनों से चली आ रही थी। यह कार्य बिहार चुनाव आयोग द्वारा संचालित किया गया था। इसके तहत एक व्यापक जांच और सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई गई। अब जिन वोटरों के नाम हटाए गए हैं, उनके पास यह अधिकार है कि वे 18 अगस्त तक अपने नाम को पुनः जोड़ने के लिए आवेदन कर सकें।
कैसे करें दावा-आपत्ति?
अब जिन भी वोटरों के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं, उन्हें वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए दावा या आपत्ति दर्ज करने का अधिकार मिलेगा। इसके लिए उन्हें संबंधित निर्वाचन कार्यालय या ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा।
- दावा-आपत्ति की तिथि: 2 अगस्त 2025 से लेकर 18 अगस्त 2025 तक
- कहां करें आवेदन?: संबंधित निर्वाचन कार्यालय में या ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवश्यक दस्तावेज़:
- पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, आदि)
- पते का प्रमाण (बिजली का बिल, बैंक स्टेटमेंट आदि)
- जन्म प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)
कुल मिलाकर क्या हुआ?
इस अभियान के बाद, बिहार के 7.24 करोड़ वोटरों में से 65.64 लाख वोटरों के नाम को ड्राफ्ट लिस्ट से हटा दिया गया है। हालांकि, ये वोटर आज से दावा और आपत्ति के माध्यम से फिर से अपने नाम को जोड़ सकते हैं। इसके बाद, 22.34 लाख नागरिकों को इस प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा।
यह एक अहम कदम है जो बिहार की चुनाव प्रक्रिया को और भी पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में मदद करेगा।
PM Kisan 20th Installment Released New Update Aug 25
आज बिहार के किसानों के खाते में जाएंगे दो-दो हजार रुपये
पटना, 2 अगस्त 2025:
आज बिहार के किसानों के लिए एक खुशी की खबर आई है। बिहार सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपये भेजने का फैसला किया है। इस योजना के तहत बिहार के लाखों किसानों को सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
कार्यक्रम की जानकारी:
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आज बिहार के किसानों के बैंक खातों में दो-दो हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। यह राशि किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दी जा रही है। इस योजना के तहत सरकार ने किसानों के आर्थिक स्तर को बढ़ाने के लिए सालाना 6000 रुपये देने की योजना बनाई है, जिसे तीन किस्तों में वितरित किया जाता है।
पटना में होगा आयोजन:
पटना में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें आधिकारिक रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत राशि ट्रांसफर की जाएगी। इस मौके पर राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और केंद्रीय कृषि मंत्री श्रीरंजन सिंह चौहान भी उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री श्रीरंजन सिंह चौहान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों से संवाद करेंगे और इस योजना की महत्ता पर प्रकाश डालेंगे।
किसानों को मिल रही राहत:
इस योजना के तहत किसानों को साल में 6000 रुपये मिलते हैं, जो तीन किस्तों में बांटे जाते हैं। प्रत्येक किस्त के अंतर्गत किसानों के खाते में 2000 रुपये डाले जाते हैं। इससे किसानों को कृषि कार्यों के लिए आर्थिक मदद मिलती है, खासकर जब वे फसल उगाने, सिंचाई करने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए धन की कमी महसूस करते हैं।
राज्य सरकार के इस कदम से किसानों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और उन्हें अपनी कृषि गतिविधियों में सहायता मिलेगी। कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना से बिहार के लगभग 74 लाख किसानों को लाभ मिलेगा, जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पंजीकृत हैं।